Sunday, 4 January 2015

तभी अपनोंमे छुपे ग़ैर... और गैरोंमे छुपे अपने हमे नज़र आँते हैं....!"

"जिंदगी में बुरे वक्त का आना जरूरी होता हैं दोस्तों...

  तभी अपनोंमे छुपे ग़ैर...और

 गैरोंमे छुपे अपने हमे नज़र आँते हैं....!"

No comments:

Post a Comment